Thursday, August 12, 2010

Friendship day special :)

एक मुफलिस को सारे जमाने का खजाना मिल गया
जब मुझे तुम्हे दोस्त कहने का बहाना मिल गया

आँखों की बारिशो की परवाह वो क्यों करे
जिसे तुम्हारे होठों का मुस्कुराना मिल गया

घुमड़ते बादल में एक अक्स बनता बिगड़ता रहता है

घुमड़ते बादल में एक अक्स बनता बिगड़ता रहता है
पलकों के कोने में कोई अश्क सुलगता जलता रहता है

चाहे हमारे सफ़र की राह अलग हो, पर कहानी एक ही है
एक मिराज की तरह ये सफ़र, रस्ता बदलता रहता है

बड़ा ही हसीं किस्सा है सपनो के सिलसिले का, मेरे दोस्त
हर टूटे हुए ख्वाब के दामन में, एक नया ख्वाब मचलता रहता है