Thursday, August 12, 2010

घुमड़ते बादल में एक अक्स बनता बिगड़ता रहता है

घुमड़ते बादल में एक अक्स बनता बिगड़ता रहता है
पलकों के कोने में कोई अश्क सुलगता जलता रहता है

चाहे हमारे सफ़र की राह अलग हो, पर कहानी एक ही है
एक मिराज की तरह ये सफ़र, रस्ता बदलता रहता है

बड़ा ही हसीं किस्सा है सपनो के सिलसिले का, मेरे दोस्त
हर टूटे हुए ख्वाब के दामन में, एक नया ख्वाब मचलता रहता है

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