Gair Zaroori baatein
Gair Zaroori baatein
Wednesday, October 27, 2010
Chaar panktiyaaN
रंज-ओ-ग़म के बारिश से छुपने की एक जगह रखी है
हमने यारो की छोटी सी महफ़िल सजा रखी है
यादो के आने पे तेरी एक पहरा है पर क्या कीजिये
उस सरगोशी का, जो इस कमबख्त दिल ने जगा रखी है
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